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गौतम गम्भीर ने किया लाखो रूपये का दान

क्रिकेट जगत में एक बड़ा नाम गौतम गंभीर का आता है जो कि पिछले दिनों काफी सुर्खियों में रहे । गौतम गंभीर द्वारा लिए गए 50 परिवारों के बच्चों का पढ़ाई का पूरा खर्च अपने पैसे से निर्वहन करना लोगों को खूब भाया । ऐसा नहीं है कि अन्य क्रिकेटरों के पास पैसे नहीं हैं महेंद्र सिंह धोनी,सचिन तेंदुलकर,विराट कोहली तमाम नाम है जिनके पास करोड़ो की संपत्ति है पर आज तक उन्होंने एक रुपए भी इस देश के या समाज के किसी गरीब को या जरूरतमंद को नहीं दें सकें । उन लोग का लक्ष्य मात्र पैसा कमाना है लेकिन गौतम गंभीर ने दिखा दिया कि मात्र पैसा कमाना  देशभक्ति नहीं होता, देश के लिए क्रिकेट खेलना ही देश भक्ति नहीं होता , देशभक्ति तो तब होता है जब इस जरूरतमंदों के बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया जाए और अपने पैसे से उसका पूरा पैसा और हॉस्टल का पैसा भरा जाए।
हो सकता है कुछ लोग कहते हो कि वह अपने नाम के लिए किए लेकिन ऐसा मानना अच्छा नहीं होगा। क्योंकि पिछले कई सालो में गौतम गंभीर ने लाखों रुपए दान की । जो कि देश के उन जरुरतमंदों के लिए था जिनको पैसे की सख्त जरूरत है । वह देश में शहीद जवानों के बेटे और बेटियों को एक पढ़ाने का निर्णय लेते हैं तो इससे बड़ा देशभक्ति और क्या हो सकता है । जो क्रिकेटर ग्राउंड में जाकर बड़े-बड़े छक्के लगाते हैं और वह सोचते हैं कि उन्हें इसके लाखों करोड़ों रुपए मिलेंगे तो शायद यह सोचना भूल जाते हैं कि यह लाखों करोड़ों रुपए मैं किसकी बदौलत कमा रहा हूं! यदि सेना ही ना हो , भारत में सैनिक देश की रक्षा ना करें तो क्या इनको यह पैसा कमाने का हक हो पाएगा । इसलिए सबका यह दायित्व नहीं कर्तव्य बनता है कि उन गरीब लोगों की मदद करें जो देश की मदद कर रहे हैं ।
जो अपना पूरा परिवार छोड़ कर देश के लिए मात्र 20-25 हजार में नौकरी कर रहे हैं। जब उनकी कहीं पर शहादत हो जाती है तो उनके परिवार पर एक पहाड़ पर टूटता है । इसमें सरकार को भी सोचना पड़ेगा कि इन लोगों को जो बच्चे और बच्चियां और पूरे परिवार का खर्च सरकार को खुद उठाना चाहिए । और लाखों करोड़ों कमाने वाले क्रिकेटर अपनी कमाई में से कुछ ℅ अगर दे देते हैं तो इन लोगों के लिये काफी बेहतर होगा । इससे उनकी कमाई तो घट नही जाती है बल्कि उनके जो फैंस होते हैं वह और ज्यादा बढ़ जाते हैं । हम नमन करते हैं  गंभीर जी को उन्होंने ऐसा फैसला लिया जो देश हित में हैं और जो उन शहीदों को बच्चों के आने वाले दिनों में एक बेहतर भविष्य देने का काम करेगा। हो सकता है पैसे से उनकी सारी जरूरतें पूरी न हो सके। लेकिन यदि वह पढ़ाई कर लेते हैं तो इतने काबिल हो जाएंगे वः खुद ही पैसा कमा सके।
                क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर जिन्होंने आज तक इस समाज के लिए या इस देश के लिए एक भी रुपए दान नहीं किया उनकी कमाई करोड़ों में क्या भगवान ऐसा होता है कतई नहीं हो सकता । इस तरह से भगवान नहीं होते क्योंकि भगवान को तो अपने से ज्यादा अपने चाहने वालों की फिक्र होती है । इस भारत में ऐसे करोड़ों लोग हैं जो सचिन को चाहते हैं लेकिन सचिन ने आज तक उनके तरफ मुंह नहीं किया और सिर्फ अपने पर्सनल फायदे के लिए क्रिकेट को खेला जिससे उन्हें भारत रत्न  भी मिला।  सोचने वाली बात है
कि जिनके पास करोड़ो की संपत्ति हो वह लाखों रुपए दान करने से घबराता है क्या उन्हें समाज में और समाज की वर्तमन स्थिति नहीं दिखती क्या ? आपके चंद पैसों से गरीबो घर तो चल सकता है लेकिन आपके चंद न आने से आपके घर टूट नहीं जाएगा। इसलिए सोचना होगा कि सभी लोगों को हाथ बढ़ाकर चलना होगा जिनके पास करोड़ो की संपत्ति है उसमें से कुछ संपत्ति उन गरीबों के नाम किया जाए जिनको आज खाने के लिए भीख मांगना पड़ता है । खाने के लिए खेतों में काम करना पड़ता है ! खाने के लिए सड़कों पर लोगो के सामने हाथ फैलाना पड़ता है! यह समझ लेने के बाद कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा कि जिनके पास पैसे हो और पैसे देना ना चाहे।
सेलिब्रिटी लोग एक प्रचार के करोड़ों रुपए लेते हैं उसमें से 5% या 10% लोगों पर खर्च करें तब भी है 1000000 रुपए हो जाते हैं हो सकता है वह आपके लिए 5 या 10 लाख रुपय मायने नहीं रखते हैं । लेकिन गरीब के लिए 5 या 10 लाख रुपए आपके 500 करोड़ से ज्यादा ही होते हैं । इसलिए इस बात को ध्यान दें और लोगों की सेवा करें क्योंकि जिंदगी में मेरी कुछ करना है फिर कुछ पाना है तो सिर्फ यही है कि इंसानियत को जिंदा रखा जाए और इंसानियत की जिंदगी जिया जाए ना कि एक कठोर है हृदय करके।
क्या क्रिकेटरों को अपनी कमाई का कुछ % गरीबो एवं जरूरतमंदों को देना चाहिए?

दोस्तों आप से अनुरोध हैं कि पोस्ट को लाइक करे और दोस्तों के साथ शेयर करें। धन्यवाद!! भारत माता केर जय, वंदे मातरम्
~अजीत कुमार चौधरी~

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