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क्या यह काम देश के किसान कर सकते हैं ?




मध्यप्रदेश में 5 किसानों के मौत के बाद वहां का नजारा जो भी  है वह बहुत ही भयंकर है । क्योंकि वहां पर इस तरह से हड़ताल चल रहा है उसे देख कर ऐसा लग रहा है कि यह किसी ने किसी की साजिश है । क्योंकि जिस तरह के वहां पर तांडव देखा जा रहा है वह कोई किसान तो कर ही नहीं सकता । किसानों की मौत पर मध्य प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार पहले ही दुख जाता चुकी है और उसकी जांच करने का आदेश भी दिया जा चुका है । जिसके ऊपर कर तेजी कार्य से चल रहा है।
लेकिन जिन लोगों द्वारा वहां पर यह गलत कार्य किया जा रहा है वह सही नहीं है । हजारों हजारों बसों को आग के हवाले करना एवं सड़क को जाम कर देना यह क्या चीज है जो भी हो रही हैं इसके पीछे कोई ना कोई साजिश है । क्योंकि देश के किसान कभी भी इस तरह की हरकत नहीं कर सकते। देश के किसान बनकर अमीर लोग अपनी राजनीति कर रहे हैं इसमें राजनीतिक पार्टियों का भी हस्तक्षेप होगा जिससे उन्हें सह मिल रहा है। और गलत कार्य करके जनता को नुकसान पहुंचा रहे हैं ।
हो सकता है कहीं ना कहीं वहां की सत्ता की गलती रही हो जिससे कारण किसानों की मौत हुई लेकिन उसके बाद हजारों हजारों लोगों को रोज सड़क पर उतार कर उनके साथ मारपीट करना और उनको आग में जला देना और हड़ताल कराने का जो खेल चल रहा है वह बहुत ही भयानक है । हम कह सकते हैं कि किसान इतना संवेदनशील होता है कि वह किसी की दूसरे वस्तु को जलान तो दूर वह बिना पूछा उससे उसका समान इस्तेमाल भी नहीं करता। तो आखिर ये कौन लोग हैं जो बसों को घरों को रेलवे को हड़ताल के नाम पर जला रहे हैं ।
जिससे सरकारी संपत्ति भी नष्ट हो रहे हैं । हाल ही में मोदी जी ने एक मीटिंग बुलाया जिसमें इसके बारे में पूरी जानकारी ली और इससे कार्रवाई करने की बात कही जिसने भी गलती की होगी उसे छोड़ा नहीं जाएगा । लेकिन अन्य पार्टी के लोग भाजपा को नीचे दिखाने के लिए हम भाजपा सरकार की नाकामियों को दिखाने का काम गलत तरीके से कर रहे हैं । यह बिल्कुल ही अपराध कहां जाएगा। क्योंकि आपको ऐसी सरकार का विरोध करना है तो आप कानूनी ढंग से कीजिए ना की किसी प्रकार पर आग लगाकर और ना ही किसी का घर जला करके।

जो मध्य प्रदेश में हो रहा हैं वह देश हित में हैं ?

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