सिनेमाघरों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब हर सिनेमाघर में फिल्म शुरू होने से पहले राष्ट्रगान चलाया जाएगा लेकिन इसका उल्लंघन करने वालों को कोई ठोस दंड देने का प्रावधान नहीं है। क्या यह सिनेमाघरों में सुचारू रूप से चलाया जाएगा यह सिनेमाघरों पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जिससे सिनेमाघरों के मालिक इस फैसले खिलाफ नहीं है ,वही कुछ राजनेता इसमें भी राजनीति कर रहे हैं और इस फैसले को गलत बता रहे हैं,यह दुर्भाग्यपूर्ण है ।अपने देश के राष्ट्रगान का भी सम्मान करना वह भूल जाते हैं ,क्योंकि वह अपना राजनीति चमकाना चाहते हैं, क्या यह कभी संभव है? हमें तो नहीं लगता है, हो सकता है कुछ लोगों का समर्थन मिले लेकिन एक जनाधार तैयार नहीं किया जा सकता जहां राष्ट्रगान को सिनेमाघरों में चला कर लोगों के अंदर राष्ट्रभक्ति जगाने की कोशिश की जा रही है वही इस राष्ट्र विरोधी भाषण में चंद लोग इसके खिलाफ खड़े दिखाई दे रहे हैं,इन बातों को अलग करते हुए देखा जाए तो अब तक करोड़ों की कमाई कर रहे सिनेमाघरों का असली परीक्षा है कि वह अपने राष्ट्रभक्ति का परिचय दें और सुप्रीमकोर्ट के आदेश का सुचारु रुप से पालन करे ताकि लोगों के अंदर राष्ट्र के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार हो और राष्ट्र प्रगति करें।
अजीत कुमार चौधरी


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