कुमार विश्वास का भाजपा में स्वागत हैं !
विश्व प्रसिद्ध कवि डॉ० कुमार विश्वास जो पिछले कुछ सालो से राजनीति में सक्रिय हैं। राजनीति में इनका सफर अन्ना हजारे के लोकपाल विल क़े आंदोलन के साथ शुरू हुआ जिसके बाद आप पार्टी का गठन हुआ जिसमे कुमार जी का विशेष योगदान था। पार्टी के विस्तार में इनके योगदान को कोई नहीं भुला सकता और इनकी एक विशेषता हैं कि यदि कुछ गलत होता हैं तो उसका विरोध पार्टी उठकर करते हैं।
कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो आय था जिसमे कश्मीर में हो रहे सैनिको के ऊपर अत्याचार का विरोध किया जिसमे नकली देशभक्ति कर रहे सभी राजनेता का पोल खोल कर रख दी जिसमे आप पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को भी खूब घसीटा । हलाकि केजरीवाल ने इस वीडियो को बहुत अच्छा बताया था। लेकिन कही न कही कुमार द्वारा की गई बुराई उनको हजम नही हुईं इसी लिये तो कुमार जी को पार्टी से बाहर करने की तैयारी की जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों में आप पार्टी में हो रहे बड़े तौर पर भ्रष्टाचार का विरोधी उनके ही नेता कपिल मिश्रा ने किया । कुमार जी ने सीधे तौर नही लेकिन कई जगहों पर इस बात को माना हैं कि आप पार्टी में भ्रष्टाचार हो रहा हैं। आप पार्टी में लगतार विरोध का शुरू चल रहा हैं इसमें कुमार जी भी गलत कार्यो का विरोध कर रहें तो गलत क्या हैं।
एक बात तो साफ हैं यदि कुमार जी को पार्टी से बहार किया जाता हैं तो उनके पास दो विकल्प होगा पहला तो यह कि खुद की कोई नई पार्टी बनावे दूसरा यह होगा कि वह भाजपा में सामिल हों। ज्यादा सम्भावना तो दूसरे वाले विकल्प पर लग रहा हैं यदि कुमार जी को पार्टी से निकाला गया यह वह खुद पार्टी से निकलते तो वह भाजपा में सामिल होंगे। क्योंकि वह कई जगहों भाजपा और मोदी जी का तारीफ कर चुके हैं सायद यह संकेत ही हों भाजपा में सामिल होने का।
कुछ दिन पहले उनका एक वीडियो आय था जिसमे कश्मीर में हो रहे सैनिको के ऊपर अत्याचार का विरोध किया जिसमे नकली देशभक्ति कर रहे सभी राजनेता का पोल खोल कर रख दी जिसमे आप पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को भी खूब घसीटा । हलाकि केजरीवाल ने इस वीडियो को बहुत अच्छा बताया था। लेकिन कही न कही कुमार द्वारा की गई बुराई उनको हजम नही हुईं इसी लिये तो कुमार जी को पार्टी से बाहर करने की तैयारी की जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों में आप पार्टी में हो रहे बड़े तौर पर भ्रष्टाचार का विरोधी उनके ही नेता कपिल मिश्रा ने किया । कुमार जी ने सीधे तौर नही लेकिन कई जगहों पर इस बात को माना हैं कि आप पार्टी में भ्रष्टाचार हो रहा हैं। आप पार्टी में लगतार विरोध का शुरू चल रहा हैं इसमें कुमार जी भी गलत कार्यो का विरोध कर रहें तो गलत क्या हैं।
एक बात तो साफ हैं यदि कुमार जी को पार्टी से बहार किया जाता हैं तो उनके पास दो विकल्प होगा पहला तो यह कि खुद की कोई नई पार्टी बनावे दूसरा यह होगा कि वह भाजपा में सामिल हों। ज्यादा सम्भावना तो दूसरे वाले विकल्प पर लग रहा हैं यदि कुमार जी को पार्टी से निकाला गया यह वह खुद पार्टी से निकलते तो वह भाजपा में सामिल होंगे। क्योंकि वह कई जगहों भाजपा और मोदी जी का तारीफ कर चुके हैं सायद यह संकेत ही हों भाजपा में सामिल होने का।
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